सोमवार, 17 मई 2010

एक आवाज़ " नेता और आमिर के खिलाफ "

"मैं तो इन्सान हूँ ,आजाद देश का एक सच्चा सिपाही हूँ ,
मुझे भी कुछ कहना है, इन नेताओ और आमिरो के खिलाफ .......!"

"मुझे लगता है ,
आप भी कहना चाहते है , क्यों न आज से इस पर लिखे......,

हम सब इनके खिलाफ , एक समाज तैयार करे.... !"
(सुमित )

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