मंगलवार, 28 फ़रवरी 2012

न शर्म है उन्हें .....
न देश केलिए सोचता है वह
बस अपने घर को भरता है.......
अरे भाई वोही तो नेता है... वोही तो नेता है॥

सोमवार, 17 मई 2010

एक आवाज़ " नेता और आमिर के खिलाफ "

"मैं तो इन्सान हूँ ,आजाद देश का एक सच्चा सिपाही हूँ ,
मुझे भी कुछ कहना है, इन नेताओ और आमिरो के खिलाफ .......!"

"मुझे लगता है ,
आप भी कहना चाहते है , क्यों न आज से इस पर लिखे......,

हम सब इनके खिलाफ , एक समाज तैयार करे.... !"
(सुमित )

एक आवाज़ "अमीर और नेता के खिलाफ़"

"आज कल जिस तरह से ,

नेताओ को घोटालो में

मैं फसते हुए देख रहे है ,

इससे यह तो साफ हो रहा है की,

नेता देश की सेवा नहीं कर रहे है ,

बल्कि अपनी पेट भरने में ही ध्यान देते है ।

इसके खिलफ मीडिया तो अपना कम कर रही है

लेकिन हम कब जागेंगे

यही सवाल दिन रात मैं अपने आप से पूछता हूं।

यही सवाल आप से भी पूछता हूं

हम कब जागेंगे ?? .........."